May 18, 2024 9:13 am

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सरकार ने की स्टाफ नर्सों की नियुक्ति किए जाने की घोषणा

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BAHUJAN NEWS DESK

लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश सरकार ने नर्सिंग सेवा परिनियमावली को स्वीकृति प्रदान करते हुए पहले चरण में 1790 स्‍टाफ नर्सों की नियुक्ति किये जाने की घोषणा की है, इन नियुक्तियों के लिए संजय गांधी पीजीआई को परीक्षा कराने के निर्देश जारी किये गये हैं, तीन माह में यह प्रक्रिया पूरी हो जायेगी। उप मुख्‍यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा है कि इसी प्रक्रिया को अपनाते हुए प्रत्‍येक वर्ष करीब दो हजार नर्सों की नियुक्तियां की जायेंगी। उन्‍होंने कहा कि सरकार की ओर से जो भी वादा किया गया है, वो पूरा किया जाएगा। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की ओर से व्यापक स्तर पर योजनाओं को अमलीजामा पहनाया जा रहा है।

स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सोसाइटी की शासी निकाय बैठक में मंगलवार 27 दिसम्‍बर को कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मुहर लगी। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रमुख सचिव (चिकित्सा शिक्षा) आलोक कुमार, विभागीय अफसरों व महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों की उपस्थिति में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें नर्सिंग सेवा परिनियमावली को स्वीकृति, महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों के अधिकारों में वृद्धि व अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अलग-अलग फंडों को लेकर अनुमति प्रदान की गई। पहले चरण में 1790 स्टाफ नर्सों की नियुक्ति को भी हरी झंडी मिली

योजना भवन के वैचारिकी हॉल में उप मुख्यमंत्री व सोसाइटी के पदेन अध्यक्ष ब्रजेश पाठक की अध्यक्षता में आहूत बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के दौरान तीन अहम निर्णय लिए गए। प्रथम फैसले के अनुसार प्रधानाचार्यों के अधिकारों में वृद्धि व धन की व्यवस्था के लिए अलग-अलग फंड बनने पर अध्यक्ष ने सहमति प्रदान की। नर्सिंग सेवा परिनियमावली स्वीकृति के तहत पहले चरण में 1790 स्टाफ नर्सों की नियुक्ति होगी। नियुक्ति के लिए एसजीपीजीआई को परीक्षा कराने के निर्देश जारी किए गए। तीन माह में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के अनुसार इसी प्रक्रिया को अपनाते हुए हर साल करीब दो हजार नर्सों की नियुक्ति की जाएगी।

प्रमुख सचिव (चिकित्सा शिक्षा) आलोक कुमार ने बताया कि दूसरे महत्वपूर्ण निर्णय के तहत इन महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों को नियुक्ति, अवकाश स्वीकृति, क्रय, अनुरक्षण व अन्य प्रशासनिक व वित्तीय अधिकारों का अनुमोदन किया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर ही निर्णय लेने में आसानी रहेगी एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में भी विलम्ब नहीं होगा। महाविद्यालयों के बैंक खातों को संचालित करने के लिए भी प्रधानाचार्यों को अधिकार दे दिए गए हैं। इन बैंक खातों में जमा धन का उपयोग मरीजों व छात्रों के हित में किया जाएगा।

रिपोर्ट – मदन सिंह

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