May 22, 2024 8:33 am

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मैकेनिकल वेंटीलेशन पर दो दिवसीय कार्यशाला का होगा आयोजन

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BAHUJAN NEWS DESK

लखनऊ। केजीएमयू में दो दिवसीय वर्कशाप के आयोजन में स्वास्थ्य विशेषज्ञ द्वारा डाक्टरों को मैकेनकल प्रशिक्षण देकर और अधिक अनुभवी बनाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग द्वारा स्पांसर्ड आईसीएमआर के द्वारा मैकेनिकल वेंटीलेशन सीएमइ कम वर्कशाप का आयोजन किया गया। जिसे शुक्रवार को कुलपति ले.ज.डा.विपिन पुरी ने कलाम सेण्टर में इसका शुभारंभ किया।

इस अवसर पर अधिष्ठाता चिकित्सा संकाय प्रो.एके त्रिपाठी,रिसर्च सेल प्रभारी प्रो.शैली अवस्थी,परीक्षा नियंत्रक प्रो.अब्बास अली मेहदी,मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. एसएन संखवार तथा क्रिटीकल केयर मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.अविनाश अग्रवाल मौजूद रहें है। कार्यक्रम की शुरूआत केजीएमयू के कुलपति एवं मंच पर विराजमान अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। दो दिवसीय कार्यशाला के पहले दिन उप्र के विभिन्न स्पेशियलिटी एवं सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा शिक्षा संस्थानों एवं चिकित्सा संस्थानों के 40 से अधिक आईसीयू विशेषज्ञों द्वारा अपने अनुभवों को साझा किया गया।

जिसमें एक सौ से अधिक प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। ज्ञात हो कि मैकेनिकल वेंटिलेशन ऐसे गम्भीर रोगियों के लिए इस्तेमाल की जाती है,जो सांस लेने में सक्षम नहीं होते हैं। इसके अन्तर्गत लाईफ सपोर्ट सिस्टम की मदद से मरीज को कृत्रिम तरीके से सांस लेने में मदद दी जाती है। यह यह ब्रीथिंग मशीन धीरे धीरे मरीज के फेफड़ों में हवा भरती है और फिर इसे वापस बाहर निकालने में मदद करती है। यह बिलकुल उसी तरह कार्य करती है जैसे प्राकृतिक तौर पर स्वस्थ फेफड़े करते हैं। कार्यशाला में वेण्टीलेर के कौन कौन से पार्ट होते है,जिसकी जानकारी चिकित्सक को अवश्य होनी चाहिए। वेण्टीलेटर की आवश्यकता किन मरीजों को होती है किन्हें नहीं होती,वेण्टीलेटर सपोर्ट पर रखते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए,वेण्टीलेटर सपोर्ट पर रखे मरीज के किन पैरा मीटर की सघन निगरानी करनी होती है तथा गम्भीर रूप से बीमार मरीज को वेण्टीलेटर पर रखने की प्रक्रिया कैसे शुरू करें आदि अति गम्भीर एवं महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर क्रिटीकल केयर मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से बताया गया एवं मेनीक्वीन के माध्यम से प्रयोगात्मक प्रशिक्षण दिया गया।

क्रिटीकल केयर मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.अविनाश अग्रवाल ने बताया कि क्रिटीकल केयर मेडिसिन विभाग द्वारा आगे भी इस तरह की कार्यशाला का आयोजन कर व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। जिससे प्रदेश के विभिन्न जनपदों में आईसीयू में उपचार करने वालें चिकित्सकों को प्रशिक्षित कर प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकें।

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