May 18, 2024 10:20 am

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सरयू एक्सप्रेस में महिला मुख्य आरक्षी पर जानलेवा हमले के मामले में एक आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर

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BAHUJAN NEWS DESK

लखनऊ। अयोध्या में सरयू एक्सप्रेस में महिला मुख्य आरक्षी पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने एक आरोपी अनीश खान पुत्र रियाज खान को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। यह हैदरगंज थानाक्षेत्र जिला अयोध्या का रहने वाला था। साथ ही दो अभियुक्तो को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया है। एसटीएफ और अयोध्या पुलिस की ज्वाइंट आपरेशन के दौरान यह बड़ी कार्रवाई की गई। पुलिस और अपराधियों से मुठभेड़ अयोध्या के थाना पूराकलंडर के छतिरया कैल मार्ग पर हुई। इसमें सिपाही भी घायल हो गए है। घायल बदमाश व सिपाही को अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। वहीं मृतक अनीश के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं दोपहर बाद घायल दोनों अभियुक्तों की हालत में सुधार होने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया।

 

अयोध्या एसएसपी राजकरण नैय्यर ने बताया कि यह घटना 29/ 30 अगस्त की रात में अज्ञात हमलावरों ने सरयू एक्सप्रेस में एक महिला आरक्षी पर जानलेवा हमलाकर घायल कर दिया था। महिला सिपाही की सावन मेले के दौरान ड्यूटी लगी थी। इसीलिए वह सुलतानपुर से अयोध्या में ड्यूटी करने के लिए सरयू एक्सप्रेस से आ रही थी। महिला आरक्षी का लखनऊ के ट्रामा सेंटर में उपचार चल रहा है। इसी घटना के बाद से पुलिस महानिदेशक ने हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए यूपी पुलिस, एसटीएफ और रेलवे पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम गठित होने के बाद से एसटीएफ हमलावरों की तलाश में जुट गई और एसटीएफ के हाथ सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से एक बड़ा सबूत हाथ लगा। हमलवारों का फोटो जारी करके उनका नाम बताने वाले के लिए एक लाख रुपये के ईनाम की घोषणा की। इसी क्रम में आज एक सूचना के तहत एसटीएफ की टीम और अयोध्या पुलिस ने थानाक्षेत्र के इनायत नगर में एक जगह पर महिला आरक्षी पर हमला करने वाले हमलावरों की गिरफ्तारी का प्रयास किया तो इनके द्वारा पुलिस टीम पर फायरिंग की गई।

 

आत्मरक्षार्थ के लिए की गई पुलिस फायरिंग में दो अभियुक्त घायल हो गए उन्हें तत्काल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान एक अभियुक्त फायरिंग करते हुए भाग गया। पुलिस व एसटीएफ की सर्च आपरेशन के दौरान फरार हुए अभियुक्त को थाना पूरा कलंदर में दोबारा से चिन्हित किया गया और उसे आत्मसमर्पण के लिए कहा गया तो उसके द्वारा पुलिस पर फायरिंग की गई। आत्मरक्षार्थ के लिए पुलिस ने भी फायरिंग की। जिसमें अभियुक्त घायल हो गया। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टर ने एक अभियुक्त अनीस खान पुत्र रियाज खान रहने वाला हैदरगंज थानाक्षेत्र का रहने वाला है उसकी मौत हो गई।

 

इसके अलावा दो अभियुक्त आजाद पुत्र मुख्तार जो कि हैदरगंज अयोध्या रहने वाला है और विशंभर दयाल उर्फ लल्लू पुत्र प्रेम नारायण जो की कूड़ेभार सुलतापुर का रहने वाला है। यह दोनों घायल हैं, इनका उपचार चल रहा है। सभी का अस्पताल में बेहतर उपचार कराया जा रहा है। एसटीएफ और पुलिस विभाग की टीम मौके मौजूद रहकर जांच पड़ताल कर रही है। इस मुठभेड़ में थानाध्यक्ष पूराकलंदर रतन शर्मा भी घायल हो गए हैं। उनके हाथ में गोली लगी है। दो अन्य सिपाहियों के भी चोटिल होने की जानकारी मिल रही है। उनका भी जिला अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है। मुठभेड़ मामले में घायल आरोपी आजाद और विशंभर दयाल को अयोध्या पुलिस ने न्यायालय में पेश किया। पुलिस ने दोनों को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष किया पेश । दोनों आरोपी भेजे गए जेल । मुख्य आरोपी अनीश का थाना पुराकलंदर क्षेत्र में मुठभेड़ में हुआ था एनकाउंटर, देर रात होगा अनीश के शव का पोस्टमार्टम,परिजनों को बुलाया गया।

पूछताछ के दौरान पता चला कि अनीश, आजाद और विशम्बर पेशेवर चोर हैं। चलती ट्रेनों में ही चोरियां करते हैं। पुलिस ने इनके बारे में जानकारी की तो पता चला कि इनके खिलाफ ट्रेनों में चोरी करने के कई मुकदमें दर्ज है। चूंकि पेशेवर चोर होने के कारण हर दिन की तरह 30 अगस्त की रात सरयू एक्सप्रेस में चोरी के इरादे से ही चढ़े थे। अयोध्या स्टेशन आने से पहले बोगी तकरीबन खाली हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि महिला मुख्य आरक्षी के अलावा दो साधू बैठे थे। महिला आरक्षी अपना बैग सिरहाने रखकर नींद में थीं। उसे देखकर अनीस और उसके साथियों ने उसके पास जाकर छेड़खानी शुरू कर दी। विरोध करने पर अनीस ने उसके गाल पर ब्लेड से हमला किया और उसका सिर कई बार खिड़की से लड़ा दिया। फिर तीनों उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास करने लगे और उसके कपड़े फाड़ दिए।

अचानक अयोध्या जंक्शन से करीब दो किमी पहले रामगढ़ हाल्ट पर ट्रेन धीमी होने लगी, जिससे तीनों को शक हुआ कि किसी ने चेन पुलिंग कर दी है। तीनों घबराकर ट्रेन से कूद गए और ऑटो से अयोध्या आने के बाद अलग-अलग फरार हो गए। इसके बाद तीनों ने एक साथ अपना-अपना मोबाइल भी स्वीच ऑफ कर लिया। यही वजह है कि जांच के दौरान एसटीएफ और लोकल पुलिस को अनीस के मोबाइल की लोकेशन बीटीएस से मिली, जिसके समानांतर महिला आरक्षी और बाकी दोनों हमलावरों की लोकेशन भी मिल रही थी। इसके बाद एसटीएफ ने तीनों की तलाश शुरू की और एनकाउंटर में अनीस को ढेर कर दिया।

उसके बाकी दोनों साथी भी पुलिस की गोली लगने से घायल हुए है।महिला कांस्टेबल का घर प्रयागराज के भदरी गांव में है। वह 4 बहनों और 2 भाइयों में दूसरे नंबर की हैं। 1998 में जब वह 18 साल की हुईं, तो स्पोर्ट्स कोटे से यूपी पुलिस में कॉन्स्टेबल बन गईं। इसी साल की शुरूआत में सुमित्रा को प्रमोशन मिला और वह हेड कॉन्स्टेबल बन गई। इस वक्त वह सुल्तानपुर जिले में तैनात हैं। विभाग ने पिछले कुछ दिनों से उनकी ड्यूटी अयोध्या के सावन झूला मेला में लगाई थी।

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