May 22, 2024 8:30 am

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आबकारी मंत्री बोले, ओवर रेटिंग की दशा में नपेंगे अधिकारी

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BAHUJAN NEWS DESK

लखनऊ। प्रदेश में राजस्व अर्जन की दृष्टि से आबकारी विभाग अत्यन्त महत्वपूर्ण है। प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सभी जनपदों में तैनात अधिकारी अपनी कार्य योजना बनायें और नियमों का पालन करते हुए ही कार्य करना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही सभी उप आबकारी आयुक्त तथा संयुक्त आबकारी आयुक्त जोन व मण्डल स्तर पर समीक्षा बैठक करें। किसी भी दशा में ओवर रेटिंग की शिकायत पाये जाने पर संबंधित जनपद के अधिकारी की जवाबदेही तय की जायेगी। ये बातें शुक्रवार को प्रदेश के आबकारी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने आज यहां गन्ना संस्थान में विभागीय अधिकारियों के साथ माह जून 2023 तक विभागीय कार्य-कलापों के साथ-साथ विभाग द्वारा जोनवार प्राप्त किये गये राजस्व लक्ष्यों तथा प्रवर्तन कार्यों सहित अन्य बिंदुओं पर समीक्षा करते हुए कही।

 

उन्होंने विभाग द्वारा किये गये प्रवर्तन कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रवर्तन कार्य में विभाग के अधिकारियों का अच्छा प्रदर्शन रहा है। प्रवर्तन कार्य में इस बात का खास तौर से ध्यान रखने की आवश्यकता है कि जहरीली शराब की बिक्री न हो और न ही जनहानि की कोई घटना संज्ञान में आये क्योंकि इससे सरकार और विभाग की छवि धूमिल होती है। श्री अग्रवाल ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रवर्तन कार्य को और प्रभावी बनाया जाए, साथ ही जनपदों की सीमा से लगे प्रदेशों से आने वाली मदिरा और अवैध मदिरा के उत्पादन पर पूरी तरह से अंकुश लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए।

आबकारी मंत्री ने कहा कि राजस्व प्राप्ति के मामले में जिन जनपदों की स्थिति पिछले कई महीनों से खराब चल रही है, उन जनपदों के जिला आबकारी अधिकारी कार्य में तेजी लाते हुए निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करें अन्यथा उनके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए कुल 58,000 करोड़ रुपए का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सभी अधिकारी गण इस दिशा में अपनी बेहतर कार्ययोजना बनाकर कार्य करना सुनिश्चित करें ताकि सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति की जा सके। इसके लिए सभी ज्वाइंट और डिप्टी अपने जनपदों में लगातार पाक्षिक समीक्षा करें।

 

श्री अग्रवाल ने अधिकतम राजस्व प्राप्ति करने वाले 03 मण्डल अयोध्या, मेरठ और देवीपाटन की सराहना करने के साथ ही न्यूनतम राजस्व प्राप्ति वाले 03 मण्डल कानपुर, झांसी और बस्ती को फटकार लगाते हुए अपनी स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिये और कहा कि कार्य में लापरवाही बरतने पर उन जनपदों के जिला आबकारी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी।

 

इस सम्बन्ध में प्रदेश स्तर पर राजस्व प्राप्तियों की समीक्षा करते हुए प्रमुख सचिव आबकारी श्रीमती वीना कुमारी ने कहा कि सभी जनपदीय अधिकारी नियमित रूप से दुकानों का निरीक्षण करें, जिससे अवैध शराब व अन्य अवैध कार्यों पर तत्काल रोक लगाई जा सके और साथ ही ओवर रेटिंग करने वालों पर सख्त कार्यवाही की जा सके। उन्होने कहा कि सभी जनपदों में प्राप्त आई.जी.आर.एस. के प्रकरणों को समय से निस्तारित कराना सुनिश्चित करें, जिससे कोई प्रकरण डिफाल्टर की श्रेणी में न आये।

 

प्रमुख सचिव ने राजस्व प्राप्ति की जानकारी देते हुए बताया कि माह जून, 2023 में विभाग द्वारा रू. 3,622.24 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया गया है, जो गतवर्ष इसी अवधि में प्राप्त राजस्व रु.3,146.16 करोड़ की तुलना में रु. 476.08 करोड अधिक है। इस प्रकार राज्य सरकार को गतवर्ष के सापेक्ष इसी अवधि में लगभग 15.13 प्रतिशत अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आबकारी विभाग के अंतर्गत निर्धारित की गई राजस्व प्राप्तियां को निर्धारित समय से प्राप्त करना सुनिश्चित करें।

 

बैैठक के दौरान प्रवर्तन कार्य के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए आयुक्त आबकारी, सेंथिल पंडियन सी. ने बताया गया कि प्रदेश में माह जून तक अवैध शराब के निर्माण एवं बिक्री के कुख्यात अड्डों पर कुल 2,09,919 छापेमारी कर 24,331 अभियोग पकड़े गये. जिसमें 6,72,912 ली. अवैध शराब बरामद की गयी। अवैध मदिरा के कारोबार में संलिप्त 7,495 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया तथा 84 वाहन जब्त किये गये। बैठक में अपर आबकारी आयुक्त प्रशासन सत्य प्रकाश, अपर आबकारी आयुक्त (लाइसेंसिंग), उ.प्र. के साथ समस्त जोनो के संयुक्त आबकारी आयुक्त उपस्थित रहे।

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